कॉलेज की यादे

“उठ जा , कब तक सोता रहेगा, कॉलेज नही जाना क्या ?”
“ये लड़का आज फिर कॉलेज में लेट होयेगा ।”   
सुनकर कुछ याद आया दोस्तो।
एकदम सही याद आया मैं बात कर रहा हूँ कॉलेज लाइफ की। वो जीवन का सुनहरा समय जिसकी कीमत
वही लोग समझ सकते है , जो कॉलेज पास आउट हो चुके है , और जो अभी वो जीवन जी रहे है,
उन्हें बधाई देना चाहता हूँ , इसलिए क्योंकि जिन क्षणों को वे अभी जी रहे है , वो उनके जीवन के
सबसे स्वर्णिम और सुखद क्षणो में से एक होंगे पर ये बात उन्हें तब समझ आएगी जब वो कॉलेज
से पास आउट हो चुके होंगे ।         

वो कैंटीन की मैगी , वो गर्लफ्रैंड को मनाना, वो लड़कियों को इंप्रेस करने की हज़ारो नाकाम कोशिशें
करने के बाद भी उनका पीछा न छोड़ना । गज़ब का समय था, यार वो,जब हमारे पास पैसे ज्यादा
नही होते थे, पर दोस्तो के साथ कॉन्ट्री करने के बाद कभी पैसो की कमी भी नही लगी । 
मुझे याद है , असाइनमेंट्स देते तो टीचर ही थे , पर पूरा दोस्त ही करवाते थे  ।   
ये पंक्ति पढ़कर अगर आप के चेहरे पर मुस्कुराहट की एक रेखा खिंच गयी तो इसका मतलब
आपने एक बहुत ही खूबसूरत ज़िन्दगी जी है ।   

वो क्लासेज बंक करना , वो प्रॉक्सी लगवाना कोई कैसे भूल सकता है । पर अपना निजी अनुभव कहु
तो ये यादे जहाँ एक ओर आँखों मे आंसू ला देती है ,वही दूसरी ओर जीवन जीने की नई ऊर्जा भी देती है
और हमे विश्वास दिलाती है कि हमने एक बेहतरीन जीवन जिया है ।     

हमे कॉलेज जाना है या नही ये इस बात पर निर्भर होता था , कि हमारे मित्र कॉलेज आएंगे या नही । 
हाफ डे में या लंच में अगर आप कॉलेज से नही भागे हो तो मेरे दोस्त बहुत कुछ मिस कर दिया आपने ।  

खैर हर किसी की कॉलेज लाइफ उसके लिए बहुत स्पेशल होती है और होनी भी चाहिए क्योंकि इसी समय
हमें वो मित्र मिलते  है जो जीवन भर नही छूटते । वो दोस्त जो हमे परेशान करते थे अब हम तरसते है कि
कोई बात तो कर ले । जिन टीचर्स से भागते है उन्हें अब फेसबुक में ढूंढ रहे है , ये जिंदगी भी कहाँ से कहाँ 
आ गयी ।

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My name is upendra.
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